
सुप्रीम कोर्ट में अंबानी बंधुओं के बीच जारी हाई-वोल्टेज कानूनी जंग में बुधवार को नाटकीय मोड़ आ गया। प्राकृतिक गैस की सप्लाई एवं कीमत को लेकर अनिल और मुकेश अंबानी के बीच उभरे विवाद की सुनवाई कर रही बेंच (पीठ) से न्यायमूर्ति आर.वी.रवींद्रन के स्वत: अलग हो जाने से ही यह मोड़ आया है।
इस बीच, एक अन्य न्यायाधीश मरकडे काट्जू ने भी रिलायंस इंडस्ट्रीज बनाम भारत पेट्रोलियम विवाद की सुनवाई कर रही पीठ से खुद को अलग कर लिया है। काट्जू का कहना है कि उनकी पत्नी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर ले रखे हैं। उन्होंने इससे पहले सितंबर में इस मामले पर अपने फैसले को सुरक्षित रखा था। मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ में न्यायमूर्ति रवींद्रन का स्थान न्यायमूर्ति बी.सुदर्शन रेड्डी लेंगे। यह पीठ गुरुवार से अंबानी गैस विवाद की नए सिरे से सुनवाई करेगी।
मालूम हो कि अंबानी गैस विवाद पर जारी अदालती सुनवाई बुधवार को तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गई थी। हालांकि, इसके और आगे बढ़ने से पहले ही न्यायमूर्ति रवींद्रन ने इस आधार पर खुद को सुनवाई से अलग कर लिया कि उनकी बेटी सुनीता राजेश मुकेश अंबानी ग्रुप को अन्य परियोजनाओं पर परामर्श देने वाली बंगलुरु स्थित एक लॉ फर्म एजीबी पार्टनर्स में साझीदार है। न्यायमूर्ति रवींद्रन का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी मंगलवार को मिली थी।