improve steel companies condition
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Source: बिजनेस भास्कर नई द
Published: November 05

आने वाले दिनों में सुधर सकती है स्टील कंपनियों की हालत


स्टील उत्पादों की कीमतें घटाने के बाद अब स्टील कंपनियों को लग रहा है कि आने वाले छह महीनों में स्टील के कारोबार में सुधार होगा। देश की दो सबसे बड़ी स्टील कंपनियों के प्रमुख अधिकारियों के मुताबिक अमेरिका के बाद यूरोप से भी मांग आने लगी है और घरेलू बाज़ार इससे लगता है थोड़े करेक्शन के बाद स्टील की कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी। मंगलवार को स्टील सम्मेलन में शामिल हुए स्टील इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का मानना था कि स्टील की कीमतों में फिलहाल जो कमज़ोरी है। वह ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के चेयरमैन एस. के. रूंगटा के मुताबिक कंपनी ने कीमतों में कमी की है, क्योंकि मांग की वजह से कंपनियों पर कीमतों में कमी का दबाव था। लेकिन अगले कुछ महीनों में कीमतों में स्थिरता रहने की उम्मीद लगती है। कंपनी ने एक नवंबर से अपने फ्लैट उत्पादों की कीमतों में 750 रुपये से लेकर 1500 रुपये प्रति टन तक की कमी की है।

टाटा स्टील के वाइस चेयरमैन बी. मुत्थुरमन ने कहा कि अमेरिका के बाद अब यूरोप में भी स्टील की मांग आने लगी है। यूरोप में कोरस 85 फीसदी क्षमता से काम कर रही है। वहां फ्लैट उत्पादों में कंपनी पूरी 100 फीसदी क्षमता से काम कर रही है। जबकि लांग प्रोडक्ट में कंपनी कुल क्षमता का 60 फीसदी उपयोग कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि मार्च तक कंपनी अपनी पूरी क्षमता से काम करने लगेगी। पिछली कुछ तिमाही में यूरोप में कोरस अपनी 2 करोड़ टन क्षमता से आधा ही उत्पादन कर रही थी। लेकिन अब मांग सुधरने से कंपनी ने उत्पादन क्षमता भी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में पूरे विश्व में ही स्टील की मांग सुधरती दिख रही है।


आर्सेलरमित्तल अब उड़ीसा-झारखंड में नहीं लगाएगी प्रोजेक्ट
नई दिल्ली। विश्व की सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल अब भारत में उड़ीसा और झारखंड की बजाए किसी और राज्य में अपना प्रस्तावित स्टील प्लांट की योजना पर काम कर रही है। कंपनी के भारत में प्रमुख विजय कुमार भटनागर ने कहा कि चार साल में प्लांट नहीं लगा पाना खराब लगता है। कंपनी ने चार साल पहले इस प्लांट के लिए इन राज्यों के साथ समझौता किया था। लेकिन अभी तक स्टील प्लांट के लिए ज़मीन अधिग्रहण नहीं हो पाया है। इस मसले पर इस्पात राज्य मंत्री ए.सांई प्रताप ने कहा कि कर्नाटक ने कंपनी को वहां प्लांट लगाने के लिए आमंत्रित किया है। राज्य सरकार वहां कंपनी को साइट देने के लिए तैयार है। (प्रेट्र)

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