नई दिल्ली.राजनीतिक संकटों में घिरी यूपीए सरकार के वित्त मंत्री पी चिदंबरम का दावा है कि प्रमुख विपक्षी दल भाजपा महत्वपूर्ण वित्त विधेयकों पर सरकार का समर्थन करने के लिए बाध्य है।
वित्त मंत्री ने विश्वास जताया है कि सरकार अपने बचे हुए कार्यकाल में जरूरी सुधार लागू करने में सफल होगी। बैंकिंग रेगुलेशन एमेंडमेंट बिल, इंश्योरेंस लॉ एमेंडमेंट बिल और पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथारिटी (पीएफआरडीए) बिल तथा अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर सहमति बनाई जाएगी।
समर्थन करना होगा :
उन्होंने कहा कि भाजपा के अनंत कुमार वित्तीय मामलों पर बनी स्थाई समिति के मुखिया हैं और पार्टी स्वयं इन विधेयकों का समर्थन कर चुकी है। संसद में समर्थन देना उसकी मजबूरी है। लेफ्ट के विरोध के चलते ही ये विधेयक अब तक पारित नहीं हो सके। वे आगे भी विरोध कर सकती हैं।
स्टाक मार्केट के हित में नहीं राजनीतिक अस्थिरता: चिदंबरम ने कहा कि राजनीतिक अस्थिरता से स्टाक मार्केट पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, लेकिन महंगाई बढ़ने में इसकी कोई भूमिका नहीं है। सरकार और नियामक की तब तक कोई भूमिका नहीं महसूस की जाती, जब तक मूल्य सही ढंग से निर्धारित होते रहें।
बाजार बिगाड़ने की शिकायतों से निपटेगी सेबी :
वित्त मंत्री के अनुसार यूपीए के कार्यकाल में निवेशकों को अच्छी आमदनी होती रही है। अनिल अंबानी द्वारा एडीए समूह की कंपनियों का बाजार बिगाड़ने संबंधी शिकायतों पर सेबी स्वयं जांच करेगी।
वायदा कारोबार पर और रोक नहीं :
अन्य जिंसों के वायदा कारोबार पर रोक लगाने की संभावनाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि कमोडिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (सीटीटी) पर अधिसूचना जारी करने पर विचार किया जाएगा।
बड़े वाहनों को रियायत नहीं :
बड़ी कारों पर छोटी कारों के समान कर लागू करने की कंपनियों की उम्मीद पूरी नहीं होगी। वित्त मंत्री ने बड़े वाहनों पर कर रियायतें लागू करने से इनकार कर दिया है। इनमें आयातित हायब्रिड वाहन भी शामिल हैं।
स्टील निर्माताओं से बातचीत :
चिंदबरम ने कहा कि स्टील निर्माताओं को अगस्त से कीमतें न बढ़ाने को राजी करने के लिए बातचीत जारी है।