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अखिल की नजर गोल्ड पर

पटियाला.बीजिंग ओलिंपिक क्वालिफाई करने वाले पांच भारतीय बॉक्सर्स में अखिल सबसे सीनियर हैं। कोच के अलावा साथी बॉक्सर्स को भी उससे बहुत उम्मीदें हैं।

रेल मंत्री लालू प्रसाद भी इस मुक्केबाज की प्रतिभा के कायल हैं। अर्जुन अवॉर्डी अखिल ने कहा, ‘एथेंस में बहुत मामूली अंतर से हारा था। इस बार तैयारी बहुत अच्छी है। एथेंस में जो गलतियां हुई थीं, उनसे मैंने काफी कुछ सीखा है और इस बार मैडल जीतने की पूरी कोशिश करूंगा।’

अब तक 11 गोल्ड जीत चुके इस मुक्केबाज ने कहा, मेरी नजर हर चैंपियनशिप में सिर्फ गोल्ड मैडल पर रहती है। मैं इसके अलावा किसी दूसरी चीज के बारे में सोचता ही नहीं। भगवान में अटूट विश्वास रखने वाला अखिल गोल्ड मैडल जीतने के बाद बालाजी और वैष्णो देवी जरूर जाता है। वह कहता है, ‘पूजा करने से मुझे पॉवर मिलती है।’अखिल के पिता शिव भगवान मिश्रा हरियाणा पुलिस में हैं दो बहनों के अलावा अखिल का एक बड़ा भाई भी है।

साथियों की राय: अखिल जिद्दी है। जो एक बार ठान लेता है, उसे पूरा करता है। : जितेंद्र

अखिल पर भरोसा है। उसकी मेहनत जरूर रंग लाएगी। : दिनेश

वह हम सबसे सीनियर है। उम्मीद है वह जरूर कामयाब होगा। : विजेंद्र

कोच कमेंट

अखिल की तैयारी पूरी है। अब देखना है कि आगे क्या होता है।

अखिल का सफर: 2003- मलेशिया में हुई थर्ड कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मैडल।

2003- हैदराबाद में हुए पहले एफ्रो-एशियन गेम्स में गोल्ड।

2004- एथेंस ओलंपिक में पार्टिसिपेट

2005- स्कॉटलैंड में चौथी कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड

2005- चाइना में हुई वल्र्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड।

2006- मेलबोर्न कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड।

2006- सैफ गेम्स कोलंबो में गोल्ड।

2008- ओलंपिक क्वालिफाइंग मुकाबलों में गोल्ड और एशिया के बेस्ट बॉक्सर्स का खिताब।





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