नई दिल्लीभारत की संस्कृति को समझने के लिए 32 वर्ष यहां बिताने वाले फ्रांसीसी पत्रकार फ्रांसुआ गौशिए ने कहा है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड सहित अन्य प्रदेशों में तेजी से फैल रहे नक्सलवाद व आतंकवाद के लिए भारत के बड़े औद्योगिक समूह जिम्मेदार हैं। उनके अनुसार इन समूहों ने भारत में तरक्की की और यहां की गरीब जनता के विकास के लिए कुछ नहीं किया, जिसका फायदा विघटनकारी तत्वों ने उठाया।
पेरिस से निकलने वाली पत्रिका ‘ला बेले लेटर्स’ के एडीटर इन चीफ गौशिए ने बड़े उद्योगपतियों को घेरते हुए कहा कि इन लोगों ने करोड़ों के राजनीतिक चंदे तो दिए, लेकिन गरीब ग्रामीणों की कभी सुध नहीं ली। इसके अलावा इनकी भलाई के लिए जो पैसा विदेशों से आता है वह भी गलत हाथों में चले जाने के कारण इनका विकास नहीं हो पाया। इसी को हथियार बनाकर अराजक तत्व आतंकवाद को बढ़ावा देने में जुटे हैं। गौशिए ने पिछले सप्ताह यहां नक्सलवाद पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया था।
क्रिकेट नहीं, गरीबों पर दें ध्यान: पत्रकारों से बातचीत में गौशिए ने कहा कि यदि यहां के औद्योगिक घराने क्रिकेट पर पैसा बरबाद करने की बजाय ग्रामीणों के लिए पैसे खर्च करें तो गलत लोगों को मजबूती नहीं मिलेगी। नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए गौशिए ने केंद्र व राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल तथा जनता व मीडिया की सकारात्मक भूमिका पर बल दिया। उन्होंने लोगों की नाराजगी को दूर करने के लिए कानून व्यवस्था में सुधार और सामाजिक विषमताओं को खत्म करने की बात भी कही।