नई दिल्ली.
भले ही सोमनाथ चटर्जी ने 22 तारीख से पहले इस्तीफा न देनें की बात कह चुके हो लेकिन वामदलों का दबाव उन पर बना हुआ है। ऐसा लग रहा है कि ज्यादा समय तक सोमनाथ चटर्जी के लिए वामदलों के इस दबाव को टालना मुश्किल होगा । एक टीवी चैनल के इस दावे पर भरोसा करें तो सोमनाथ चटर्जी २२ तारीख को लोकसभा अध्यक्ष के पद पर नहीं रहेंगे। खबर में दावा किया गया है कि सोमनाथ चटर्जी 19 तारीख से पहले अपना इस्तीफा दे सकतंे है और इस मामले में सहमती बनती नजर आ रहीं है।
इससे पहले सोमनाथ चटर्जी ने बयान दिया था कि वे भारतीय जनता पार्टी के साथ वोट नहीं करेंगे और अगर उन पर दबाव बनाया गया तो वे अपने पद के साथ साथ लोकसभा की संसद सदस्यता से भी इस्तीफा दे देंगे। सो अब अटकलें इस बात को लेकर चल रहीं है कि क्या वास्तव में सोमनाथ चटर्जी पार्टी दबाव में आकर अपने पद से हट जाएगें ।
दरअसल वामदलों ने राष्ट्रपति को भेजी गई सूची में स्पीकर के नाम के होने को अपनी गल्ती स्वीकार कर सोमनाथ चटर्जी को भी अपने फैसले पर पुर्नविचार करने के लिए कहा है और बात बनती हुई लग रहीं है । वामदल चाहते हैं कि सोमनाथ चटर्जी अपने पद से हट जाए जिससे कि पार्टी को अपना अभियान सुचारु रुप से चलाने में मदद मिलेगी और पार्टी को लेकर जो दो तरह की बातें हो रहीं है दस पर भी विराम लगेगा ।