जयपुरअल्बर्ट हॉल म्यूजियम खुले अभी महीनाभर भी नहीं हुआ और इसके कई हिस्सों पर ताले जड़ दिए गए हैं। इसका मुख्य कारण इन जगहों पर काम अधूरा पड़ा रहना है, जबकि पखवाड़े भर पहले मुख्यमंत्री के उद्घाटन समारोह में वाहवाही लूटने के लिए इन हिस्सों (गैलरियों) को तैयार कर दिखाया गया था। सवा साल बाद दुबारा खुले म्यूजियम को देखने आने वाले पर्यटक सभी हिस्सों को देखने से वंचित हो रहे हैं।
म्यूजियम के बंद किए गए हिस्सों में पहली बार पुरातत्व विभाग की ओर से किसी म्यूजियम में खोली गई सिक्कों की गैलरी सहित क्राफ्ट आइटम्स और प्रसिद्ध पर्सियन कारपेट हॉल हैं। इनके बाहर ताले जड़ दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार सिक्कों की गैलरी के लिए शोकेस बनने सहित क्राफ्ट कक्ष में फर्नीचर का काम अधूरा बचा है, जिसे पूरा किया जा रहा है।
इसी बीच जानकार बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों के समक्ष लंबे समय से बंद पड़े म्यूजियम को खोलने की तलवार लटकी थी, जिसे बिना पूरी तैयारी खोलकर इतिश्री कर ली गई है। वहीं बंद पड़ी गैलरियों को खोलने का काम पहले की भांति गति नहीं पकड़ रहा है।
करोड़ों खर्च के बावजूद प्यासे :
नए स्वरूप में सजाए गए अल्बर्ट म्यूजियम पर 7 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी म्यूजियम अधिकारी पर्यटकों को पानी की सुविधा मुहैया नहीं करा पाए। वहीं टिकट खिड़की का काम भी अधूरा पड़ा है। इससे पर्यटकों को बारिश तथा धूप में परेशान होना पड़ता है। इससे वल्र्ड क्लास म्यूजियम के दावों की खिल्ली उड़ रही है। म्यूजियम क्यूरेक्टर राकेश छौलक ने बताया कि पानी को लेकर पर्यटकों की शिकायत वाजिब है। इसके लिए अगले कुछ दिनों में वाटर कूलर लगा दिए जाएंगे।