नई दिल्ली.रक्षा मंत्री एके एंटनी ने 1971 के भारत-पाक युद्ध के हीरो और देश के प्रथम फील्डमार्शल सैम मानेकशॉ को भारत रत्न दिए जाने के संबंध में कोई भी वचन देने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि सरकार सैम बहादुर के बारे में जनता की भावनाओं से पूरी तरह अवगत है।
मानेकशॉ की स्मृति में मंगलवार को आयोजित एक समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में एंटनी ने कहा, ‘हम फील्डमार्शल को लेकर जनभावनाओं से अवगत हैं। हम जानते हैं कि सभी उनकी उपलब्धियों का सम्मान करते हैं।’
रक्षामंत्री से पूछा गया था कि क्या फील्डमार्शल मानेकशॉ को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने पर सरकार विचार कर रही है। सैम बहादुर के नाम से प्रसिद्ध मानेकशॉ का 27 जून को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। तब एंटनी और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के मानेकशॉ के अंतिम संस्कार में शामिल न होने की व्यापक आलोचना हुई थी।
समारोह के दौरान एंटनी ने दिवंगत फील्डमार्शल मानेकशॉ को ‘सर्वश्रेष्ठ सैन्य रणनीतिकार’ तथा ‘महाशक्तियों की मौजूदगी की परवाह किए बिना अपने सैनिकों को प्रेरित करने वाला महान नेता’ बताया।