जयपुर.राजस्थान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, विशेष पिछड़ा वर्ग और आर्थिक पिछड़ा वर्ग (राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं में सीटों और राज्य के अधीन सेवाओं में नियुक्ति और पदों का आरक्षण) विधेयक 2008 सोमवार को राजस्थान विधानसभा में पेश किया गया। इस विधेयक पर बुधवार को चर्चा होगी।
विधेयक में अनुसूचित जातियों के लिए 16 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए 12, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 21, विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए 5 और आर्थिक पिछड़ा वर्ग के लिए 14 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। विशेष पिछड़ा वर्ग में गुर्जर, बंजारा, गाड़िया लुहार और राईका जातियों को शामिल किया गया है।
इन जातियों को शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाएगा।क्रीमीलेयर एससी-एसटी में भी लागू होगा : कांग्रेस के सी.पी.जोशी ने कहा कि इस विधेयक के हिसाब से अनुसूचित जाति, जनजातियों के मामले में भी क्रीमीलेयर का प्रावधान लागू हो जाएगा। हालांकि विधेयक की परिभाषा में तो सरकार ने क्रीमीलेयर को परिभाषित किया है, लेकिन विधेयक के परिचय में भी यह स्पष्ट लिखा जाना चाहिए था।
भ्रमित करने का प्रयास :
विधि एवं न्याय मंत्री घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। विधेयक की धारा 2 के तहत परिभाषा में ही स्पष्ट कर दिया गया है कि क्रीमीलेयर केवल अन्य पिछड़ा वर्ग, विशेष पिछड़ा वर्ग और आर्थिक पिछड़ा वर्ग के लिए ही है।