जयपुर.
एक महिला पर शक के चलते उसके घर पहुंचे उसके रिश्तेदार को कॉलोनी के लोगों ने पीट दिया। इसका बदला लेने के लिए पहुंचे सात-आठ लोगों ने कॉलोनी के लोगों पर तेजाब फेंक दिया। नौ लोग झुलस गए।
यह घटना सांगोनर प्रताप नगर के सेक्टर सात में एक बंगाली महिला के घर के सामने हुई। उसका पति विदेश में है। कॉलोनी के लोगों को शक था कि वह गलत काम करती है। लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस में भी की थी। इस पर पुलिस ने महिला को पाबंद भी किया था। रविवार रात उसके रिश्तेदार आए थे। घर के सामने मोटरसाइकिल खड़ी देख कॉलोनी के कई लोग जमा हो गए।
लोगों ने एक रिश्तेदार की। इससे नाराज चंपा राय के दामाद ने फोन कर अन्य लोगों को बुला लिया। करीब 20 मिनट में ही कॉलोनी में सात-आठ युवक तेजाब की बोतलें व सरिए लेकर पहुंचे। उन्होंने मोहल्ले में आकर लोगों पर तेजाब फेंकना शुरू कर दिया। फिर जो सामने दिखा उस पर ही उन्होंने तेजाब की बोतल दे मारी। कॉलोनी में हड़कंप मच गया। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हमलावर मोटरसाइकिलों से फरार हो गए।
बाद में लोगों ने महिला के घर के सामने खड़ी मोटरसाइकिल को आग लगा दी। घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया। थोड़ी ही देर में सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए। आसपास के लोग तेजाब से झुलसे लोगों को अस्पताल ले गए। वारदात के करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। देर रात तक कॉलोनीवासी तथा महिला थाने पर शिकायत लेकर पहुंच गए थे। तेजाब से झुलसे रितेश श्रीवास्तव, कपिल कुमार, गुमानसिंह, शिमला, खुशबू, संतोष सहित नौ लोगों को सांगानेर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी की हालत सामान्य है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
वारदात के बाद लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। कॉलोनी के लोगों का कहना था कि चार दिन पहले ही पुलिस को इस बारे में सूचना दे दी थी, लेकिन पुलिस ने केवल महिला को पाबंद कर दायित्व पूरा कर लिया।
कॉलोनी के लोगों का कहना था कि रविवार को भी वारदात से पहले पुलिस को सूचना दे दी गई थी कि कॉलोनी में झगड़ा हो सकता है,लेकिन पुलिस ने सूचना को गंभीरता से नहीं लिया। उधर, सीआई भंवर रणधीर सिंह ने कहा कि आरोप बेबुनियाद है, हमने लोगों को पाबंद कर दिया था।