जयपुर. राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। करीब एक सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में सरकार आरक्षण विधेयक सहित करीब आधा दर्जन विधेयकों को पारित करवाएगी।
इस सरकार का यह आखिरी सत्र होने की वजह से हालांकि विधायकों की विधायी कार्यो में रुचि कम ही रहेगी, लेकिन रणनीतिक तौर पर विपक्ष पेट्रोल-डीजल, जमीन आवंटन, मंत्रियों का भ्रष्टाचार सहित कई मुद्दों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगा।
सरकार ने मंहगाई और विकास योजनाओं का केन्द्र से पैसा नहीं मिलने के मुद्दे पर विपक्ष का मुकाबला करने की रणनीति तैयार की है। सत्र के शुरू में गुर्जर आंदोलन को लेकर हंगामे की संभावना है।
प्रश्नकाल में ही पहला सवाल पुलिस फायरिंग से हुई मौतों और कानून-व्यवस्था बिगड़ने को लेकर है। इस मुद्दे को भाजपा से निष्कासित विधायक प्रहलाद गुंजल और निलंबित विधायक अतरसिंह भडाना जोर-शोर से उठा सकते हैं। वहीं कांग्रेस बीडी के माध्यम से बड़ी कंपनियों को रियायती दर पर जमीनें देने, मंत्रियों और हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन के करीबी लोगों की जमीनें अवाप्त करने का मुद्दा उछालकर सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करने की कोशिश करेगी।
आरक्षण विधेयक पर रहेगी नजर : गुर्जर, बंजारा, रेबारी, गाडिया लुहार और सवर्ण वर्ग की जातियों को आरक्षण देने के लिए सरकार की ओर से लाए जा रहे विधेयक पर कांग्रेस मूक सहमति भी दे सकती है। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति पहले ही कमजोर है।
चुनावी वर्ष होने के कारण इस समय किसी वर्ग विशेष की नाराजगी मोल लेना उचित नहीं है। हालांकि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस अपनी अंतिम रणनीति सोमवार को ही तय करेगी, लेकिन अभी तक की चर्चा से ऐसे संकेत मिले हैं। पहले महाधिवक्ता की राय लेने अथवा प्रवर समिति को सौपे जाने की मांग करके इस विधेयक को टाला जाए, फिर भी सरकार पारित ही कराने लगे तो मूक सहमति दी जाए।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज : कांग्रेस विधायक दल की बैठक सोमवार दोपहर को विधानसभा परिसर में बुलाई गई है। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद होने वाली इस बैठक में सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
सर्वदलीय बैठक : विधानसभा अध्यक्ष सुमित्रा सिंह की ओर से रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सत्र को शांतिपूर्वक चलाने को लेकर चर्चा हुई। कांग्रेस ने सदन चलाने में सहयोग का भरोसा दिया। बैठक में सरकार की ओर से सरकारी मुख्य सचेतक महावीर जैन, सार्वजनिक निर्माण मंत्री राजेन्द्र राठौड़, कांग्रेस की ओर से प्रतिपक्ष के नेता हेमाराम चौधरी, पूर्व मंत्री और प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी मौजूद थे।