कोलकाता
लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी पर वाम दलों की ओर से पद छोड़ने के लिए दबाव डालने की खबरों के बीच माकपा के वयोवृद्ध नेता ज्योति बसु ने भी उन्हें पार्टी लाइन पर चलने की सलाह दी है।
चटर्जी ने रविवार को बसु से साल्ट लेक स्थित उनके निवास पर मुलाकात की। समझा जाता है कि बसु ने चटर्जी को पार्टी लाइन पर चलने अर्थात पद छोड़ने की बात कही है। मुलाकात 50 मिनट चली।
सोमनाथ नाराज क्यों?
चटर्जी मानते हैं अध्यक्ष का पद संवैधानिक होने के नाते इस्तीफा देने का निर्णय उन पर छोड़ दिया जाना चाहिए। यह बात और है कि वामदल नेताओं ने चटर्जी का नाम यूपीए सरकार से समर्थन वापस लेने वाले वामपंथी सांसदों की सूची में शामिल करके उन्हें नाराज कर दिया है। वामदलों के इस निर्णय से चटर्जी महज एक साधारण सांसद बनकर रह गए हैं।
प्रणब मुखर्जी भी मिले
विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी भी ज्योति बसु से मिले। मुखर्जी ने बताया, ‘मैं बसु से दो कारणों से मिला। एक तो उन परिस्थितियों का खुलासा करने के लिए, जिनसे गठबंधन टूटा और दूसरे हाल ही में माकपा नेता द्वारा आयु के 94 साल पूरे करने पर उन्हें शुभकामनाएं देने के लिए।’
माना जा रहा है कि मुखर्जी वामदलों को इस बात के लिए राजी करने की कोशिश में हैं कि वामदल विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से दूर रहें।‘मुझे मालूम है कि यदि मैं (पद पर) बना रहा तो कोई भी मेरे लिए संकट पैदा कर सकता है।..मैं हमेशा जो कहता रहा हूं वह यही है कि अब मैं संसद के लिए चुनाव नहीं लड़ूंगा।’
सोमनाथ चटर्जी, लोकसभा अध्यक्ष (कुछ दिन पहले एक वेबसाइट से मुलाकात में)