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टॉप 35 में प्रदेश के दो तकनीकी कॉलेज भी

भोपाल.देश भर के टॉप 35 तकनीकी कालेजों में प्रदेश के दो सरकारी कालेजों का नाम शामिल किया गया है। इंदौर के स्वशासी गोविंद राम सेकसरिया संस्थान और जबलपुर इंजीनियरिंग कालेज को देशभर में 30वां और 35वां उच्च स्तरीय संस्थान घोषित किया गया है। राष्ट्रीय स्तर की एक पत्रिका द्वारा कराए गए 400 कालेजों के सर्वे के आधार पर यह सूची बनाई गई है। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के गिरते स्तर के समय सामने आई इस स्थिति से प्रदेश के सरकारी संस्थानों की गुणवत्ता प्रमाणित हुई है।

देश के 400 इंजीनियरिंग कालेजों में उच्च स्तर की गुणवत्ता के कालेजों की रैंकिंग करने के उद्देश्य से एक पत्रिका ने सर्वे कराया है। इस सूची में पहले छह स्थानों पर देश के चुनिंदा आईआईटी संस्थान हैं। गुणवत्ता सूची में प्रदेश के सरकारी कालेजों को स्थान मिलने से एक बार फिर निजी क्षेत्र के कालेजों की प्रतिस्पर्धा में सरकारी कालेज आगे निकल गए हैं। गौरतलब है कि सर्वे के बाद तैयार की गई इस सूची में कई आईआईटी और एनआईटी संस्थाएं शामिल हैं और इन संस्थाओं की तुलना में सरकारी कालेजों के सामने आने से प्रदेश की तकनीकी शिक्षा के स्तर में सुधार होने के संकेत मिल रहें हैं।

किस आधार पर की गई रैंकिंग उक्त समाचार पत्रिका ने देश के 400 इंजीनियरिंग कालेजों में प्रश्नावली भेज कर जानकारी मंगाई थी। इस जानकारी के आधार पर बौद्धिक पूंजी, उद्योगों के साथ संबंध, अधोसंरचना, प्लेसमेंट, शिक्षण पद्धति के आधार पर अंक रखे गए थे।

अन्य सर्वे में निजी कालेज भी

तकनीकी क्षेत्र की व्यावसायिक जानकारियों की एक अन्य पत्रिका द्वारा कराए गए सर्वे में प्रदेश के तीन निजी कालेजों को 36,37 और 53वां स्थान मिला है। ओआईएसटी, टीसीटी और ट्रृूबा कालेज को इस पत्रिका ने देश के चुनिंदा 80 कालेजों में शामिल किया है। इस पत्रिका ने भी अधोसंरचना, प्लेसमेंट, शैक्षणिक वातावरण, उद्योगों से संबंध आदि के आधार पर गुणवत्ता तय की है।

शासन ने किए प्रयास

सरकारी कालेजों का शीर्ष संस्थाओं के समकक्ष होने का श्रेय शासन द्वारा किए गए प्रयासों को दिया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल इसी तरह के एक सर्वे में जबलपुर का स्थान 46वां था, लेकिन इस बार यह कालेज 35वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले एक साल में विभाग ने कालेजों में एसीसी ड्राइव, डीएसपी, कैप जैसी प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक करवाया है। इसके अलावा 160 कंप्यूटरों की केंद्रीयकृत कंप्यूटर लैब भी तैयार की गई है। शासन ने कालेजों में डिजिटल लायब्रेरी और लेंग्वेज लैब भी बनवाई हैं। पिछले सत्र में ही सरकार की ओर से तकनीकी शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए भी आठ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।

प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के स्तर में निरंतर सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। यह सर्व इसी का प्रमाण है। आने वाले सालों में प्रदेश के कालेज और उच्च स्थान पर होंगे।

-अरुण नाहर, संचालक तकनीकी शिक्षा





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