भोपाल. तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सरकारी तकनीकी कालेजों और पालीटेक्निक कालेजों में उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाने की योजना को सरकार की मंजूरी मिल गई है।
इसके लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग हर कालेज को 20 लाख रूपये की राशि उपलब्ध करा रहा है। इस योजना में सरकारी कालेजों में कई नामी कंप्यूटर साफ्टवेयर कंपनियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इन तकनीकी कालेजों में नई व्यवस्था लागू होने से छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा मिल सकेगी।
तकनीकी शिक्षा विभाग ने हर कालेज में उत्कृष्टता केंद्र बनाने का फैसला किया है। इसके तहत माइक्रोसाफ्ट, ओरेकल, सिस्को, अडोबी और आईबीएम कंपनियों के सर्टिफिकेशन कार्यक्रम इन केंद्रों पर चलाए जाएंगे।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा दी जा रही राशि ओर कालेजों के मद से कालेजों में आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएगी। उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से सरकारी कालेजों के छात्रों को व्यवहारिक तकनीकी कौशल में दक्ष बनाया जाएगा। यहां विश्व स्तरीय आवश्यकताओं के अनुसार आधुनिक साफ्टवेयरों पर काम करने की प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस बारे में विभाग ने सभी कालेजों से विस्तृत प्रोजक्ट रिपोर्ट मांगी है।
कार्यशाला 14 को
उत्कृष्टता केंद्र पर एक कार्यशाला का आयोजन भी 14 जुलाई को किया जा रहा है। होटल पलाश में आयोजित की जा रही इस कार्यशाला में विभाग ने संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया है।
सभी सरकारी तकनीकी और पालीटेक्निक कालेजों के प्राचार्य और तकनीकी शिक्षकों के साथ विभागों के अधिकारी भी इस कार्यशाला में भाग लेंगे। कार्यशाला में ही पालीटेक्निक कालेजों के छात्रों के लिए एमपी आन लाइन पोर्टल का शुभारंभ भी किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र आनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
यह करना होगा कालेजों को
>> 700 से 1000 वर्ग फिट का एक हाल केंद्र स्थापित करने के लिए द्द हाल की साज सज्जा कालेज के बजट से
>> प्रशिक्षण के लिए एक शिक्षक को नामांकित किया जाएगा और मास्टर ट्रेनर से प्रशिक्षण दिलवा कर इस काम के लिए नियुक्त किया जाएगा।