इंदौर. प्रदेश सरकार ने कपड़ा, कांच और सूटकेस के पर लागू फॉर्म-49 की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। यह फैसला शनिवार से ही लागू हो जाएगा।
भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा के मुताबिक इस फॉर्म से हो रही परेशानियों की जानकारी कुछ दिन पहले वाणिज्यिक कर मंत्री बाबूलाल गौर को दी थी। उन्होंने आधिकारिक स्तर पर परीक्षण कराया और निर्णय ले लिया।
इस पर एमटी क्लॉथ मार्केट मर्चेट्स एसोसिएशन सचिव हंसराज जैन ने बताया फॉर्म के कारण बाहर का माल लाने में दिक्कत होती थी। इंदौर में हर दिन औसतन एक करोड़ का माल आता है। ऐसे में शासन की आय में इजाफा होगा।
जानकारों के मुताबिक फॉर्म की अनिवार्यता के कारण व्यापारी बिना बिल के माल मंगाते थे। इसका सबसे ज्यादा फायदा ट्रांसपोर्ट व्यवसायी उठाते थे। वे नाके पर माल पास कराने के नाम पर वसूली करते थे।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले फॉर्म-75 वापसी का वादा किया था। बाद में उसे फॉर्म-88 के नाम से लागू किया और फिर फॉर्म-४९ कर दिया।