भोपाल. मध्यप्रदेश में कोल ब्लाक के बहाने अब लक्ष्मी निवास मित्तल की इस्पात स्टील इंडस्ट्रीज लि.,बिरला कापरेरेशन और एस्सार ग्रुप जैसी कंपनियां निवेश करने जा रही हैं। प्रदेश के छह कोल ब्लाक एक दर्जन कंपनियों को आवंटित किए जा रहे हैं। इससे मप्र में करोड़ों रुपए का निवेश आएगा। साथ ही राज्य में ओद्योगीकरण को नई गति मिलने की संभावना है।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोल ब्लाक आवंटन का फैसला पिछले दिनों दिल्ली में संपन्न कोयला मंत्रालय की उच्च स्तरीय छानबीन समिति की बैठक में लिया गया। कोल ब्लाक आवंटन के इस बहुप्रतिक्षित मामले में कंपनियों ने दिल्ली से लेकर भोपाल तक भारी राजनीतिक दबाव बनाया था।
साल भर से यह मामला दिल्ली-भोपाल के बीच झूल रहा था। वर्तमान में कोयला मंत्रालय प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के पास ही है, इसलिए उनकी मंजूरी के बाद ही कोल ब्लाक के आवंटन संबंधी आदेश जारी हो सकेंगे।
आवंटन के मुताबिक अनूपपुर जिले का बेहराबंद ब्लाक- मुकुंद स्टील कर्नाटक, एस्सार ग्रुप, इस्पात स्टील इंडस्ट्रीज और इंडस एनर्जी लि. अनूपपुर जिले का ही उड़तन ब्लाक- प्रकाश इस्पात इंडस्ट्री एवं भूषण स्टील अनूपपुर जिले का उड़तन नार्थ कोल ब्लाक -जिंदल स्टील एवं पावर लि. तथा मोनिट इस्पात तानसी ब्लाक - मेस्को स्टील विक्रम ब्लाक- बिरला कापरेरेशन थिसगौरा कोल ब्लाक- कमल स्पांज और रेवती सीमेंट कंपनी
प्रमुख कंपनियां
मुकुंद स्टील, एस्सार, इस्पात स्टील इंडस्ट्रीज, इंडस एनर्जी, प्रकाश इंड., भूषण स्टील, जिंदल स्टील, मोनिट इस्पात, मैस्को स्टील, कमल स्पांज, रेवती सीमेंट, बिरला कापरेरेशन।