नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार बराक ओबामा ने भारत-अमेरिकी असैन्य परमाणु करार का समर्थन किया है। उन्होंने करार को ‘संतुलनकारी’ बताते हुए इसमें किसी तरह के बदलाव के प्रति अनिच्छा जताई है।
एक भारतीय पत्रिका को दिए इंटरव्यू में ओबामा ने कहा कि यह करार भारत और अमेरिका के बीच सामरिक संबंध और भारत की ऊर्जा जरूरतों के साथ ही परमाणु अप्रसार की चिंताओं के बीच संतुलन बनाने में कारगर है।’ यह पूछे जाने पर कि अगर करार पर इस साल अमेरिकी सीनेट की मुहर नहीं लग सकी और अगले साल वे (ओबामा) राष्ट्रपति बन गए तो करार का क्या भविष्य होगा, उन्होंने कहा कि यह करार आईएईए की सहमति व परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों के समूह की सिफारिशों पर निर्भर करता है।
ओबामा ने कहा कि वे करार में किसी तरह के परिवर्तन के पक्षधर नहीं हैं। गौरतलब है कि इससे पहले उन्होंने ‘मूल करार’ पर कुछ आपत्तियां जताई थीं।
कृषि पर विशेष जोर : बराक ओबामा भारत-अमेरिका के संबंधों में असीमित विस्तार के साथ कृषि क्षेत्र में दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों के पक्षधर हैं। इसके अलावा वे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और सैन्य क्षेत्र में संयुक्त सहयोग, दक्षिण एशिया व उससे बाहर लोकतंत्र को बढ़ावा देने, ग्लोबल वर्ा्िमग व वैश्विक गरीबी को दूर करने के क्षेत्र में भी भारत के सहयोग की अपेक्षा करते हैं।
गांधी मेरे प्रेरणास्रोत : ओबामा ने कहा कि भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी उनके प्रेरणास्रोत हैं, इसलिए उन्होंने अमेरिकी सीनेट में बने अपने दफ्तर में उनका पोट्रेट लगा रखा है।