न्यूयॉर्क.
अमेरिका के वल्र्ड ट्रेड सेंटर पर 11 सितंबर 2001 (9/11) को हुए आतंकी हमले के बाद लापता हुई एक भारतवंशी डॉक्टर का नाम फिर से हमले के शिकार लोगों की सूची में शामिल कर लिया गया है। यह कदम डॉक्टर के परिजनों द्वारा लड़ी गई चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद उठाया गया है।
स्नेहा एन फिलिप (31) का नाम 2004 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के शिकार लोगों की सूची में से निकाल दिया गया था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि वे हमले के समय वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर स्नेहा की उपस्थिति को निश्चित रूप से स्थापित नहीं कर सके, क्योंकि वे वहां काम नहीं करती थीं और एक दिन पहले ही वे घर से चली गई थीं। मैनहटन कोर्ट ने भी यह दलील स्वीकार की थी। स्नेहा के परिजनों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने मैनहटन कोर्ट द्वारा 2006 में दिए गए निर्णय को पलटते हुए, गत 31 जनवरी को उनके पक्ष में निर्णय सुनाया था।
मुख्य चिकित्सा परीक्षक चाल्र्स एस. हिर्श ने स्नेहा फिलिप का मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने और उसका नाम सूची में दोबारा दर्ज किए जाने की जानकारी दी। गौरतलब है कि लापता फिलिप का शव नहीं मिल सका था। न्यूजडे के हवाले से स्नेहा की मां ने बताया कि ‘यह राहत की बात है। अपनी बेटी को खोना तो बुरा था ही, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया से गुजरना और भी दुखदायी था।’
क्या था मामला
वीडियो टेप रिकॉर्ड के मुताबिक, स्नेहा फिलिप घटना के एक दिन पहले वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के सामने स्थित जूते की दुकान पर गई थी। वहीं उसके परिजनों का मानना है कि हमले के दिन वह उस इलाके में स्थित एक होटल में पार्टी में भाग ले रही थी और शायद हमले में घायल लोगों की मदद करते समय टॉवर के ध्वस्त होने से उसकी मौत हो गई।