नई दिल्ली.
भारत-अमेरिकी परमाणु करार पर वामदलों की समर्थन वापसी के बाद यूपीए सरकार 22 जुलाई को विश्वास मत प्रस्ताव का सामना करने जा रही है। इस सिलसिले में 21 जुलाई से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। यूपीए समन्वय समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, ‘हम बहुमत साबित करके दिखाएंगे।’
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निवास पर हुई बैठक में यूपीए के ज्यादातर घटकों ने भाग लिया। इसमें मनमोहन ने परमाणु करार संबंधी घटनाक्रम का ब्योरा दिया। बैठक की उल्लेखनीय बात झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद हेमलाल मुमरू की मौजूदगी रही। इससे पहले अटकलें लगती रहीं कि पांच सांसदों वाला यह मोर्चा अपने सुप्रीमो शिबू सोरेन को सरकार में पुन: शामिल नहीं करने के कारण कांग्रेस से नाखुश है। पर उधर, झारखंड के बोकारो से मिली रिपोर्ट के अनुसार, सोरेन ने कहा है कि मोर्चे के संसदीय बोर्ड की हफ्तेभर के भीतर होने वाली बैठक में विश्वास मत के बारे में फैसला किया जाएगा।
बैठक के प्रारंभ में सोनिया ने कहा कि वामदलों की समर्थन वापसी से पहले प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि वे संसद को भरोसे में लिए बगैर करार को क्रियान्वित नहीं करेंगे। हम इस वादे के प्रति प्रतिबद्ध हैं। सोनिया ने पिछले चार साल तक सरकार को समर्थन देने के लिए वामदलों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उनके समर्थन के बिना यूपीए का गठन नहीं हो सकता था। दुर्भाग्यवश वे भरपूर कोशिशों के बाद भी परमाणु करार पर हमारा साथ नहीं दे सके।
सूत्रों के अनुसार, विशेष सत्र बुलाने का फैसला संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीपीए) ने लिया है। यह सत्र 21 जुलाई को बुलाया जाएगा और इसमें विश्वास प्रस्ताव रखा जाएगा। प्रस्ताव पर मतदान अगले दिन होगा।
करार के खिलाफ केरल विस में प्रस्ताव पारित
एजेंसी. त्रिवेंद्रम. केरल विधानसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र की यूपीए सरकार से भारत-अमेरिकी एटमी करार को रद्द करने की मांग की गई है। माकपा के वीएन वासवन द्वारा पेश इस प्रस्ताव में कहा गया है कि यूपीए सरकार को अमेरिका के साथ एटमी करार नहीं करना चाहिए। सत्ताधारी एलडीएफ के सभी 79 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, वहीं कांग्रेसनीत यूडीएफ सदस्यों ने मतदान का बहिष्कार किया।
मांग खारिज : वासवन ने जैसे ही प्रस्ताव सदन में रखा, कांग्रेसी विधायक शिवदासन नायर ने यात्री किराया बढ़ाने संबंधी राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ नोटिस पेश कर सदन की कार्यवाही स्थगित करने की मांग की। स्पीकर के राधाकृष्णन ने इसे खारिज कर दिया।
‘परमाणु करार से भारत के हितों को काफी नुकसान होगा। इस पर हस्ताक्षर करने का अर्थ अमेरिकी साम्राज्यवाद के आगे घुटने टेकने के समान है।’ - वीएस अच्युतानंदन, मुख्यमंत्री, केरल
सरकार के खिलाफ वोट देंगे अकाली : कंवलजीत
हैदराबाद : शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के सभी आठ लोकसभा सदस्यों ने परमाणु करार पर शक्ति परीक्षण के दौरान केंद्र की यूपीए सरकार के खिलाफ मतदान करने का फैसला किया है। वरिष्ठ अकाली नेता और पंजाब के मंत्री कैप्टन कंवलजीत सिंह ने यहां पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बारे में अंतिम निर्णय एसएडी के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के स्वदेश वापसी के बाद 15 जुलाई को होने वाली राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में लिया जाएगा।
द ग्रेट इंडियन पॉलिटिकल (ऑपरेशन) थियेटर
1 बोर्ड मीटिंग में अटैक
एंजियोग्राफी के दादी के आदेश के बाद हार्ट ब्लॉकेज चैक करने को शुक्रवार सुबह मेडिकल बोर्ड बैठा। यूपीए मीटिंग में हार्ट बेन्ज (धमनियों) के रूप में समर्थन की स्थिति को देखा गया। तभी मरीज को दिल का दौरा पड़ गया। पता चला- झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन आए ही नहीं। उनका केवल एक सांसद पहुंचा है।
2 दर्द-ए-दिल पर चर्चा
दिल का दौरा पड़ने से मेडिकल बोर्ड चिंतित। एक घंटे तक ब्लॉकेज पर मंथन। टीम सोरेन व सपा बागियों को रक्त प्रवाह में रुकावट बताती है। बसपा द्वारा कुछ कांग्रेसियों को तोड़ने की आशंका भी प्रमुख ब्लॉकेज हैं।
3 रिश्तेदारों की बेवफाई
बैठक में रिश्तेदारों की बेवफाई पर कांग्रेस मुखिया खेद जताती है। रोगी सहित सगे-संबंधियों को भी दिलासा देती हैं कि कोई खतरा नहीं है। बहुमत साबित हो जाएगा।
4 महंगाई ने बढ़ाया शुगर
इस बीच महंगाई बढ़ने से सरकार का शुगर बढ़ जाता है। रिश्तेदार मुद्रास्फीति को कोसते हैं। जी-8 आश्वासन की गोलियों की तरफ ताकते हैं।
5 एंजियोप्लास्टी के लिए बाड़ाबंदी
एंजियोप्लास्टी ऑपरेशन यानी विश्वासमत के लिए तारीख तय होती है 22 जुलाई। तब तक मरीज व रिश्तेदारों को किसी से न मिलने (बाड़ाबंदी) को कहा जाता है।