इंदौर.
मालवा से रूठे मानसून ने कई दिनों बाद बूंदों की तान छेड़ी। सुबह पौने सात बजे शुरू हुई रिमझिम दोपहर तक मौसम को खुशनुमा बनाती रही। इसे चार बजे चली तेज हवा ने रोका। तब लोग भीगे-भीगे मौसम का जायजा लेने निकल पड़े।
आंकड़ों के लिहाज से इंदौर जिला अभी भी चार इंच पीछे है। मानसून के मुंबई पहुंचने के बाद से यहां भी झमाझम का इंतजार है। काली घटाएं भी रोज ही छाती रहीं लेकिन तेज हवा के आगे बेबस थीं। अब खुशखबर यह भी है कि रह-रहकर झमाझम होती रहेगी।
जाम हो गया आम
इंदौर-भोपाल मार्ग- इंदौर-भोपाल मार्ग पर आष्टा के समीप यातायात प्रभावित रहा, जो बाद में बहाल हो गया। इंडस्ट्री हाउस से एलआईजी- इंडस्ट्री हाउस तिराहे पर लोग एक गड्ढे से परेशान होते रहे। पहले बरसात, फिर भारी वाहन निकलने से सड़क वह हिस्सा धंस गया। इसके चलते दोपहर एक बजे करीब एलआईजी तिराहे से जंजीरवाला चौराहा की ओर बड़े वाहन रोक दिए गए। दोनों तरफ सड़क किनारे कीचड़ होने से सारा लोड मुख्य सड़क पर रहा। वहां स्थिति सामान्य होने में आधा घंटा लगा।
चोरल के आगे- बारिश से बिगड़ी सड़क पर चोरल और बड़वाह के बीच दोपहर दो बजे जाम लगा और दोनों तरफ सैकड़ों वाहन करीब आधे घंटे फंसे रहे। जाम का कारण चोरल में सिंगल रोड होना भी रहा। इससे कई लोग परेशान होते रहे।
नहीं बिछ पाई पाइप लाइन
नर्मदा तीसरे चरण के लिए बिछाई जा रही पाइप लाइन का काम भी बारिश से प्रभावित हुआ। केसरबाग रोड पर जनरेटर की मदद से मशीन चलाकर दिनभर पानी निकाला। पाइप उठाने के लिए आई क्रेन खड़ी रह गई। इससे बीआरटीएस कॉरिडोर के लिए खोदे गए गड्ढों में पानी भर गया।