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बारिश ने चेताया, तैयारी नाकाफी

भोपाल. rain पिछले 24 घंटे में हुई बारिश ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के दावों की पोल खोल दी। नाले-नालियों की सफाई न होने के कारण शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। नगर निगम के कंट्रोल रूम को गुरुवार की सुबह चार स्थानों पर पानी भरने की सूचना मिली, जिसके बाद नालियों को साफ कर पानी निकाला गया।

बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात बौछारों ने सुबह तक नए व पुराने शहर के कई चौराहों और मोहल्लों को तरबतर कर दिया। देर रात लोगों के घरों में भरे पानी को निकालने के लिए सुबह से ही नगर निगम के कंट्रोल रूम के फोन घनघनाने लगे। शहर का पॉश एरिया अरेरा कॉलोनी ई-7 में मकान नंबर 574 के सामने सड़क पर भरे पानी की सूचना पर निगम के सफाई कर्मचारियों ने नाले की सफाई की जिसके बाद पानी निकाला गया। इस बारिश का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा।

भोपाल टाकीज चौराहे पर घुटनों तक भरे पानी से करीब घंटेभर तक यातायात प्रभावित रहा। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि कहां गड्ढे हैं और कहां सड़क। लिंक रोड पर सेंट मेरी स्कूल के बाहर और अशोका गार्डन क्षेत्र स्थित पंजाबी बाग इलाके की सड़कों पर पानी भरने की वजह गहरे गड्ढे होना और नालियां चोक होना रही।

यही हाल चाणक्यपुरी और स्वदेश नगर का रहा। यहां के बाशिंदे घरों से पानी निकालने के लिए निगम अमले की बाट जोहते रहे जब दोपहर दो बजे तक मदद नहीं मिली तो उन्होंने खुद पानी निकाला। दूसरी ओर अशोका गार्डन चौराहा, सुभाष नगर, रचना नगर, पद्मनाभ नगर, रायसेन रोड, बोगदापुल, ज्योति टाकीज के पास सड़क पर गड्ढे होने से पानी उनमें भर रहा है और वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

अलर्ट: भारी बारिश की चेतावनी

आखिर मानसून राजधानी पर मेहरबान हो गया। बुधवार शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला गुरुवार सुबह तक जारी था। इसके बाद दिनभर रिमझिम बारिश जारी रही। पिछले 24 घंटों में राजधानी में पांच सेमी बारिश दर्ज की गई, जो इस मौसम में अब तक की सर्वाधिक है।

मौसम कार्यालय ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। लंबी अवधि के बाद बरसे बादलों से शहर तरबतर हो गया। बुधवार रात से ही तेज बारिश का क्रम शुरू हो गया था। गुरुवार सुबह करीब दो घंटे तक जोरदार बारिश हुई और रिमझिम बारिश का क्रम जारी रहा। मौसम केंद्र के अनुसार उड़ीसा के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर आने और राजस्थान के ऊपर चक्रवात बनने से मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं।





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