नई दिल्ली. महान क्रांतिकारी शहीदे आजम भगत सिंह की देश भक्ति पर फिर से उंगली उठाई गई है। एक बार फिर से किताब के माध्यम से उन्हें क्रांतिकारी कहने की बजाए आतंकवादी लिखा गया है।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की १२वीं कक्षा की इतिहास की पुस्तक में भगत सिंह समेत स्वतंत्रता संग्राम के अन्य शहीदों को आतंकवादी बताया गया है। इसकी निंदा करते हुए दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता जगदीश मुखी ने कहा, इन अंशों को किताब से तुरंत हटा लेना चाहिए।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की 12वीं कक्षा की पुस्तक इतिहास माडयूल (तीन) जुलाई 2007 में पृष्ठ संख्या 170-171 पर देश के स्वतंत्रता सेनानियों के दिए परिचय में इन्हें आतंकियों के रूप में दर्शाया गया है। प्रोफेसर मुखी ने कहा कि इन को अविलंब हटाकर उसके स्थान पर स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानजनक संबोधन से संबोधित किया जाए।
उन्होंने कहा कि दोषी लोगों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए।
अर्जुन सिंह को लिखा पत्र :
इस संबंध में केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह और शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष एमसी पंत को पत्र भी लिखे गए हैं। प्रोफेसर मुखी ने कहा कि शहीद भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद तथा रामप्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारियों को आतंकवादी के रूप में पढ़ाया जा रहा, जो कि शर्मनाक है।
आपत्तिजनक शब्द हटाए जाएं :
उन्होंने मानव संसाधन मंत्री से आग्रह किया है कि इस शब्द को तुरंत हटाने के लिए तुरंत एक परिपत्र जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के वीरों के लिए आतंकवादी शब्द इस्तेमाल करने वाले लोगों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने के साथ ही जिन अधिकारियों ने इस पुस्तक को अनुमति दी है, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।