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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. अमेरिका के साथ परमाणु समझौते का लाभ सबसे पहले हरियाणा को मिलेगा। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह फतेहाबाद जिले के कुम्हारिया गांव में 2800 मेगावाट क्षमता के परमाणु आधारित बिजली संयंत्र की स्थापना की घोषणा पहले ही कर चुके हैं।
राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रणजीत सिंह का कहना है, परमाणु सिस्टम से बिजली उत्पादन पर केवल 50 पैसे प्रति यूनिट खर्च होगा।
उन्होंने कहा, दुनिया के विकसित देशों में 13 फीसदी जनसंख्या कृषि पर आधारित है, जबकि भारत की 70 फीसदी जनसंख्या कृषि पर आधारित है। ऐसे में सस्ती बिजली के लिए फतेहाबाद में परमाणु बिजली संयंत्र हरियाणा के लिए फायदेमंद साबित होगा।
समझौते पर दस्तखत
हरियाणा बिजली प्रसारण निगम हिसार जिले के खेदड़ में निर्माणाधीन 1200 मेगावाट क्षमता के राजीव गांधी थर्मल पावर प्रोजेक्ट से उत्पादित बिजली के संप्रेषण के लिए पावर ग्रिड निगम की प्रणाली का इस्तेमाल करेगा। इसके लिए एक समझौता ज्ञापन पर आज हस्ताक्षर किए गए हैं।्र इस प्रणाली के इस्तेमाल के लिए हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम, पावर ग्रिड निगम और हरियाणा पावर जनरेशन निगम की बिजली प्रणालियों को जोड़ा जाएगा।
चीनी मिलों से 150 मेगावाट बिजली
हरियाणा की 10 चीनी मिलों में 150 मेगावाट बिजली पैदा की जाएगी। इसमें 100 मेगावाट बिजली राज्य के ग्रिड में दी जाएगी। रोहतक चीनी मिल में इस साल नवंबर महीने से 16 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा।