भोपाल.
मप्र राज्य स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर प्रदेश के कई जिलों के स्वास्थ्य कर्मचारी मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे जहां स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई हैं, वहीं मरीजों का बुरा हाल हो रहा है।
कई जिला अस्पतालों में तो मंगलवार को एक्स-रे, ब्लड टेस्ट सहित कई तरह की जांच नहीं हो सकी। इस हड़ताल में नर्से, कंपाउंडर और वार्डब्वाय भी शामिल हो गए हैं।
कर्मचारी ब्रrास्वरूप समिति की सिफारिशें लागू करने सहित 19 सूत्रीय मांगों पर अड़े हुए हैं। सरकारी अस्पतालों में जहां मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं हड़ताल से मातृ-शिशु टीकाकरण, जननी सुरक्षा के चैकों का वितरण, एमएलसी, कुष्ठ रोग, मलेरिया, क्षय रोग, नेत्र रोग जांच कार्य बंद हो गया है। अस्पतालों में दवा वितरण का काम भी बंद हो गया है। सरकारी पैथालाजी लैबों में भी ताले पड़े रहे।
होशंगाबाद जिले में लोगों को निजी अस्पतालों को सहारा लेना पड़ा। प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवा को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्राइवेट हास्पिटल की नर्र्सो का सहारा लिया है। विदिशा में मंगलवार को सिर्फ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। स्वास्थ्यकर्मियों का दावा है कि बुधवार से सभी स्वास्थ्य कर्मचारी काम बंद कर देंगे।
गुना जिले में स्थिति पहले दिन ही खराब हो गई। प्रशासन ने 125 ट्रेनियों को काम संभालने के लिए लगाया है। जिला अस्पताल में किसी भी तरह की जांच नहीं हो पा रही है। अशोकनगर जिला अस्पताल में अव्यवस्था की स्थिति देखने को मिली। बैतूल में स्वास्थ्य पदाधिकारियों को समय पर सूचना नहीं मिल पाई इसलिए मंगलवार को सांकेतिक हड़ताल रही।
संघ के अनुसार बुधवार से सभी 650 कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। सीहोर जिले में पहले दिन ही हड़ताल का खासा असर रहा। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हो इसके लिए प्रशिक्षुओं की ड्यूटी लगाई गई है। छिंदवाड़ा जिले में भी सूचना देरी से पहुंचने के कारण मंगलवार को सांकेतिक हड़ताल रही। बुधवार से वहां भी सभी स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो जाएंगे।
कहां कितने कर्मचारी हड़ताल पर
होशंगाबाद ---- 500
विदिशा ------ 34
गुना ------- 300
सीहोर ------ 750