इंदौर. इंदौर में हुए दंगों को लेकर पुलिस मुख्यालय और खुफिया शाखा के बीच तालमेल का अभाव साफ हो गया है। डीजीपी एस.के.राउत ने कहा है कि वैसे तो पूरा मालवा ही संवेदनशील है लेकिन बंद में गडबड़ी की आशंका जैसी कोई रिपोर्ट उन्हें खुफिया शाखा से नहीं मिली थी। पुलिस महकमे में भी यह माना जा रहा है-कहीं न कहीं खुफिया शाखा इंदौर की स्थिति का सही आकलन नहीं कर सकी।
सरकार को इंदौर की स्थिति के बारे में आपने क्या कहा है?
दो दिन में स्थिति सामान्य होगी।
क्या स्पेशल ब्रांच ने बंद के दौरान गड़बड़ियों की कोई रिपोर्ट दी थी?
बंद के संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं मिली थी लेकिन समय-समय पर यह सूचना मिलती रहती थी कि स्थिति विस्फोटक है।
फिर प्रशासन फेल क्यों हो गया?
नहीं, हमने ड्यूटी निभाई है। दंगे की वजह की जांच बाद में करवाएंगे।
मतलब खुफिया विभाग फेल है?
नहीं ऐसा नहीं है। एक चूक के कारण पूरे सिस्टम को फेल नहीं बताया जा सकता है।
क्या आप मानते हैं कि सिमी पर हुई कार्रवाई से खीझकर ही इस दंगे को अंजाम दिया गया?
मैंने इससे इंकार नहीं किया है लेकिन अभी इस मामले में हमें कोई प्रमाणिक तथ्य नहीं मिले हैं।
इंदौर की जनता नाराज है कि आपने उन्हें दंगे से बचाने के बजाय भगवान भरोसे छोड़ दिया?
मुझसे पूछा गया था कि अब आप शहर में आ गए हैं तो क्या कल से दंगा बंद हो जाएगा? क्या आप आश्वासन दे पाएंगे। तो मैंने कहा कि मैं तो क्या भगवान भी दंगा रोकने का आश्वासन नहीं दे सकता।