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तबादलों के सौ बहाने..धड़ल्ले से

भोपाल. transfer पुलिस कर्मचारी इन दिनों तबादले कराने के लिए नित नए-नए बहाने ढूंढ़ रहे हैं। पुलिस मुख्यालय के संवेदनशील होने का लाभ उठाते हुए अब तो ये लोग फर्जी बीवी-बच्चों का सहारा लेने लगे हैं।

विदिशा के एक कर्मचारी ने जहां स्थानांतरण के लिए अविवाहित होने के बावजूद खुद को बच्चों वाला बता दिया तो एक महिला कर्मचारी ने नाती-नातिन होने के बाद भी स्वयं के छोटे-छोटे बच्चों की दुहाई देते हुए तबादला रुकवाने की गुहार लगाई।

केस- एक : विदिशा के एक पुलिस कर्मचारी किशोर सिंह (परिवर्तित नाम) ने अपने गृहनगर राघौगढ़ में तबादले के लिए पुलिस मुख्यालय में आवेदन दिया ‘उसकी मां को टीबी और पिता हृदय रोग से पीड़ित हैं। इनकी सेवा के लिए उसने अपने बच्चों को दादा-दादी के पास छोड़ रखा है।’ मगर पुलिस मुख्यालय ने जब उसके राघौगढ़ के पते पर स्थानीय पुलिस थाने के कर्मचारी को भेजकर वास्तविक स्थिति पता की तो ज्ञात हुआ कि उसकी तो11 जुलाई,08 को शादी होने वाली है। किशोर सिंह पहली बीवी को छोड़ चुका है और दूसरी शादी के वक्त उसने विवाह के मंडप में ही उसे थप्पड़ मारकर संबंध तोड़ लिया था।

केस- दो: भोपाल की एक बटालियन से पदोन्नति पर होशंगाबाद में पदस्थ की गई एक महिला पुलिस कर्मचारी ने पुलिस मुख्यालय में आवेदन दिया कि उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं, इसलिए उसे भोपाल में ही कहीं पदस्थ कर दिया जाए।

पीएच क्यू के अफसरों ने पता लगाया तो महिला पुलिस कर्मचारी के बड़े बच्चे हैं, जिनके स्वयं की संतान हैं। उक्त महिला दूसरी बार पीएचक्यू पहुंची तो अधिकारियों ने उसके सामने झूठ का खुलासा किया तो उसने तर्क दिया कि ‘साहब धोखे से नाती-नातिन की जगह बच्चे लिखा गया था।’

केस- तीन: इंदौर के एक पुलिस कर्मचारी का परिवार वालों ने उसके दूसरी महिला कर्मचारी से संबंध के कारण जावरा स्थानांतरण करा लिया। जावरा में पदस्थापना के दौरान उसकी पत्नी ने आवेदन दिया कि उसके पति का जबलपुर में तबादला कर दिया जाए, जिससे वे साथ-साथ रह सकें।

इस आवेदन पर पुलिस कर्मचारी ने पुलिस मुख्यालय आकर कहा कि उसकी पत्नी पागल है और उसने तलाक के लिए हाईकोर्ट में आवेदन लगा रखा है। बाद में पुलिस मुख्यालय ने पता लगाया तो ज्ञात हुआ कि इंदौर में एक सीएसपी ने पुलिस कर्मचारी की जांच में लिखा था कि वह अपनी पत्नी को पागल घोषित कर तलाक लेना चाहता है, क्योंकि उसके दूसरी महिला पुलिस कर्मचारी से संबंध हैं, जबकि वह मेरिज कोर्ट से केस हार चुका है।

कुछ कर्मचारी झूठ का सहारा लेकर तबादला कराने और रुकवाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
-विजय वाते, एडीजी, प्रशासन





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