भोपाल.
विधानसभा में पावस सत्र का पहला दिन इंदौर समेत प्रदेश में कई जगह हुई हिंसा के खिलाफ विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। नाराज प्रतिपक्ष ने सदन में मांग की कि इंदौर सहित हिंसा व तनाव वाले शहरों के कलेक्टर - एसपी को हटाया जाए और हत्यारी सरकार को बर्खास्त किया जाए।
नेता प्रतिपक्ष इंदौर के दंगे में मारे गए लोगों का जिक्र करने लगीं तो सत्ता पक्ष के विधायक ने इसका विरोध किया। अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष से श्रद्धांजलि की मर्यादाओं का पालन करने को कहा। शोक के बाद भी विपक्ष ने मामले को उठाया तो अध्यक्ष ने कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी।
साढ़े ग्यारह बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही प्रतिपक्ष के सदस्य फिर गर्भ गृह में आकर नारेबाजी करने लगे। अध्यक्ष ने नेताप्रतिपक्ष की तरफ मुखातिब होते हुए कहा- ‘बुआ जी थोड़ा मुस्कुरा दीजिए, आप गुस्सा होती हैं तो मैं घबरा जाता हूं’। इस पर कुछ कहने के बजाए जमुना देवी ने कहा कि - पुलिस ने मेरी हत्या करने की कोशिश की।
इसके साथ विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस बीच श्री रोहाणी ने जमुना देवी से कहा - मेरी सुन लें। उनकी बात को काटते हुए जमुना देवी ने तत्काल कहा - आपको सुनते - सुनते तो पांच साल हो गए। इस पर तपाक से राज्य मंत्री रंजना बघेल ने कहा और आपको (जमुना देवी ) 52 साल से सुन रहे हैं।
शोर- शराबे के बीच जमुना देवी ने कहा ‘ उनकी हत्या की कोशिश के मामले में भोपाल कलेक्टर और एसपी को सस्पेंड किया जाए।’ इस पर अध्यक्ष ने कहा कि मैं आपके हर स्थगन और ध्यानाकर्षण की सूचना सुनने और उस पर ग्राह्यता के लिए कल चर्चा कराने को तैयार हूं।
मगर यह सदन नियम - प्रक्रियाओं से चलेगा और इसे चलाने में सहयोग करें। इस बीच कांग्रेस के हरवंश सिंह, डा. गोविंद सिंह, सुखदेव पांसे, केपी सिंह, राजेंद्र सिंह, राजनारायण पुरनी, इंद्रजीत पटेल, सपा के सुनीलम, माकपा के रामलखन शर्मा आदि ने गर्भ गृह में पहुंच कर नारे लगाए - हत्यारी सरकार को बर्खास्त करो, गुंडा राज खत्म करो।
इस बीच अध्यक्ष रोहाणी ने कहा उनकी अनुमति के बिना बोलने वाले सदस्यों की बात रिकार्ड नहीं की जाएगी। इसके बाद उन्होंने शासकीय कार्य निपटाना शुरू किया। इसमें एक दर्जन विधेयकों को पुर: स्थापित किया। इसमें मप्र विधानसभा सभा सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन के संशोधन विधेयक, इंदौर स्पेशल इकानामिक जोन संशोधन विधेयक, वेट को लेकर संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए गए। ये विधेयक राज्यपाल के पास से संशोधन के साथ विधानसभा को लौटाए गए। अध्यक्ष ने बताया कि राष्ट्रपति द्वारा मप्र श्रम विधि संशोधन विधेयक 2003 को पुनर्विचार के लिए राज्य विधानसभा के पास भेजा है।
संस्कृत विवि संशोधन विधेयक - सदन में राज्यपाल द्वारा महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक 2006 के संबंध में संशोधन के लिए सदन को लौटाया गया। सत्र स्थगित होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने जमुना देवी के नेतृत्व में विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष रघुपति राघव राजाराम का गायन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सीएम,कलेक्टर व एसपी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की सूचना
जमुनादेवी ने मुख्यमंत्री और भोपाल कलेक्टर-एसपी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की सूचना दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को सीएम हाउस के सामने सीएम के निर्देश पर भोपाल के कलेक्टर-एसपी ने साजिश रचकर र्दुव्यवहार किया। अगर समय रहते कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें नहीं बचाते तो उनकी जान को खतरा हो सकता था।
इस सिलसिले में श्रीमती जमुनादेवी ने सोमवार को विधानसभा के प्रमुख सचिव को लिखित शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इस पत्र में उन्होंने 6 जुलाई 08 की घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि इंदौर शहर में शांति बहाल करने और दंगा प्रभावितों से मिलने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह,सुरेश पचौरी,वी नारायण सामी समेत अनेक कांग्रेस नेता इंदौर शहर में जाना चाहते थे,लेकिन इंदौर जिला प्रशासन ने उन्हें कफ्र्यू के दौरान शहर में जाने की इजाजत नहंी दी। बाद में इन कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इस घटना के इस घटना के विरोध में वे (जमुनादेवी) सीएम हाउस जाकर धरने पर बैठ गई। उनकी मुख्य मांग वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को इंदौर के दंगा प्रभावितों से मिलने की अनुमति देने की थी। इसके बाद सीएम के निर्देश पर भोपाल के कलेक्टर-एसपी ने उनके साथ अशोभनीय व्यवहार किया। उन्हें जबरन घसीटते हुए गाड़ी में ले गए और फिर गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने रविवार को ही केंद्रीय जेल भोपाल से ही श्यामला पुलिस चौकी के प्रभारी को पत्र लिखकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की थी,लेकिन अब तक पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। लिहाजा पुलिस-प्रशासन का यह कृत्य विशेषाधिकार हनन की श्रेणी में आता है। इसलिए इस मामले में विधानसभा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
राज्यपाल को ज्ञापन
श्रीमती जमुनादेवी ने सोमवार शाम राजभवन जाकर राज्यपाल डा बलराम जाखड़ से मुलाकात कर उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराया। चर्चा के दौरान उन्होंने राज्यपाल को पुलिस प्रशासन द्वारा रविवार को उनके साथ किए गए र्दुव्यवहार की सीडी भी भेंट की।