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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. पंजाब विजिलेंस के निदेशक सुमेध सिंह सैणी को हटाने के लिए कांग्रेस के विधायक सुखपाल खैहरा ने राज्यपाल एस. एफ. रोड्रिग्स को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के समय निर्दोष सिखों को मौत के घाट उतारने वाले इस अफसर की नियुक्ति इतनी महत्वपूर्ण पोस्ट पर क्यों की गई जबकि सीबीआई की दिल्ली स्थित स्पेशल कोर्ट में उनके खिलाफ पहले से अपहरण और कत्ल के आरोप में केस दर्ज है।
पत्र में खैहरा ने कहा कि दो जुलाई 2008 को सीबीआई ने 364, 343, 330, 167, 193 और 120 बी के अधीन केस दर्ज कर लिया है। इसके बावजूद पंजाब सरकार ने उसे अपने पद पर केवल इसलिए बना रखा है क्योंकि वह सीएम का चहेता है।
खैहरा ने कहा कि सैणी जैसे अधिकारियों को उन पदों पर रहने का कोई अधिकार नहीं है जिनका सीधा आम जनता से वास्ता पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सैणी की मुख्यमंत्री से नजदीकियों का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि विभाग की बागडोर सैणी को देने के लिए मुख्यमंत्री ने मुख्य निदेशक के पद को खाली रखा हुआ है जोकि एडीजीपी रैंक के अधिकारी का पद है। चूंकि सैणी की अभी एडीजीपी के रूप में पदोन्नति नहीं हुई है इसलिए मुख्य निदेशक का पद खाली है।
खहरा ने राज्यपाल को सुप्रीम कोर्ट की एक जजमैंट की कॉपी भी सौंपी और मांग की सैणी को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए। खैहरा ने कहा कि सैणी के रहते केसों की जांच संदिग्ध ही रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल से आग्रह किया है कि सैणी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करें।